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Viraj Bahu

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Short Description

Author: Sarat Chandra Chattopadhyay

Genre: World Classic Novel

Description

Details

भारतीय, विशेषतया हिंदू समाज में नारी कितनी निरीह, दयनीय और अपमानजनक जीवन जीती रही है- इस का प्रत्यक्ष प्रमाण है शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का बहुचर्चित उपन्यास।
‘विराज बहू’, जिस की नायिका विराज गरीबी की तमाम यातनाएं भोगते हुए अपने रूढ़िवादी पति के प्रति समर्पिता होने के साथसाथ स्वाभिमानिनी भी है। नारी के इसी चारित्रिक गुण को उजागर करने वाले, ‘नारी वेदना के पुरोहित’ शरतचंद्र के दो लघु उपन्यास-‘अरक्षणीया’ और ‘मझली दीदी’ भी इसी के साथ संकलित हैं। नारी वेदना प्रधान इन तीनों उपन्यासों में भारतीय साहित्यकार शरतचंद्र की रोमानी प्रवृत्ति की छाप भी स्पष्ट दिखाई देती है।
अपने इन उपन्यासों में शरत ने भारतीय हिंदू समाज, विशेषतया नारियों को परंपरागत बंधनों, संकीर्ण मानसिकताओं, हीनताओं और दुर्बलताओं के मायाजाल से निकाल कर उदार एवं व्यापक दृष्टि प्रदान करने का प्रयास किया है। सभी वर्ग के पाठकों के लिए रोचक, सरल एवं सुबोध हिंदी में रूपांतरित पठनीय तथा संग्रहणीय उपन्यास।

 

 

Book Details

Publisher:   Vishv Books Private Ltd
ISBN-10:   8179870952
Edition:   III
Pages:   168
Publication Year:   2015
Language:   Hindi
ISBN-13:   9788179870952
Binding:   Paper Back

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