0

Shopping cart

0 items - Rs 0.00

More Views

Grihdaah

Be the first to review this product

Regular Price: Rs 68.00

Special Price Rs 54.00

Availability: In stock

Short Description

Author: Sarat Chandra Chattopadhyay

Genre: World Classic Novel

Description

Details

सरल हृदया अचला ने महिम के उदात्त विचारों से प्रभावित हो कर उस से शादी तो कर ली, किंतु क्या वह पति के साथ एक दिन भी सुख से रह सकी?
अचला में ऐसा क्या आकर्षण था कि महिम का मित्र सुरेश उसे देख कर उस पर इस कदर मर मिटा कि अचला के जीवन में हलचल मच गई? अचला के जीवन की यह हलचल क्या उस के ‘गृहदाह’ के बाद भी शांत हो सकी? इस से उस के पति महिम पर क्या बीती?
इन तमाम सवालों के मूल में क्या सामाजिक संकीर्णताएं नहीं थीं? क्या इन्हीं संकीर्णताओं के कारण वह पति प्रेम से वंचित नहीं रही? नारी जीवन की घुटन और पीड़ा से भरपूर है ‘नारी वेदना के पुरोहित’ शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का चर्चित उपन्यास ‘गृहदाह’, जिसे आप पढ़ना ही नहीं, सहेजना भी चाहेंगे।

 

 

Book Details

Publisher:   Vishv Books Private Ltd
Pages:   224
Language:   Hindi
ISBN-13:   9788179871461
Binding:   Paper Back

Reviews

Write Your Own Review

You're reviewing: Grihdaah

How do you rate this product? *

  1 star 2 stars 3 stars 4 stars 5 stars
Price
Value
Quality

Product Tags

Use spaces to separate tags. Use single quotes (') for phrases.